Posts

Showing posts from June, 2017

अपना शहर और रंगमंच

Image
अधिकांश लोग समझते हैं
सपनो का घर है रंगमंच
और सारे अभिनेता
जगाते हैं नशा
अंधेरे कमरे में..
ब्रतोल्त ब्रेख्त का यह काव्यांश यह बतलाने के लिए काफी है कि फिलवक्त रंगमंच के संबंध में लोगों ने किस प्रकार की राय बना रखी है. बहरहाल आज लोगों का इस प्रकार से सोचना भी कहीं ना कहीं जायज हीं जान पड़ता है ! वर्तमान समय स्वयं अपने आप में इस बात का गवाह है जो हमारे देश के लोगों में इन दिनों सोचने-समझने की क्षमता कम हुई है, साथ हीं कायदे से पढ़ने-लिखने वाले लोग भी लगातार कम हो रहे हैं.
यह भी इसका प्रतिफल हीं है जो मोटे दिमाग वाले लोगों का हुजूम हमारे इर्द-गिर्द इतना ज्यादा बढ़ गया है जो कि सरकार चुनने से लेकर, सच्ची कला की परख करने और चीजों को देखने-समझने तक में अधिकांश लोग एकदम से गलत दिशा की ओर अग्रसर हो रहे हैं.
इन्हीं बातों के कारण वह आजकल काफी चिढ़ा हुआ सा रहता था तथा लोगो से बातचीत करते हुए भी उसकी बातों में  चिड़-चिड़ापन देखा जा सकता था. वैसे उस समय में भी जब हिन्दी सिनेमा की कद्र करनेवाले ज्यादातर लोग यश चोपड़ा की फिल्मों का मुरीद हुआ करते थे उसे अनुराग कश्यप की फिल्में पसन्द होती थी.
हालाँकि  …

Patna : Near the rubble and city's broken walls

Image
What makes Rome,  Rome and Paris, Paris?

 “Cities, like dreams, are made of desires and fears, even if the thread of their discourse is secret, their rules are absurd, their perspectives deceitful, and everything conceals something else.” Italo Calvino famously writes in "Invisible Cities."
 As someone who has spent his entire life in the city, exploring its nooks and corners, I often ask to myself and other people, what makes Patna, Patna?

Surely, there ought to be many perspectives, one for each resident and one for each traveller.

A CITY LIVES IN THE MEMORY                      I remember myself, sitting in one of my classrooms which could have been a room in a great museum or may be a chapter from a history book because of the old fire place in the back or the wooden doors that have stood the test of time.

                                On that particular day, an author had come to speak to us. He had shifted to Delhi perhaps in late nineties and since then, he had bee…